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स्थान आधारित मिथिला पंचांग और पारंपरिक ज्योतिष साधन

DN Mithila Panchang
Phase 33 · Explanation Layer

पंचांग कैसे पढ़ें?

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और प्रमुख समयों का सरल अर्थ—canonical परिणाम को बदले बिना।

AuthorityDNPE Engine

वार

वार उस स्थानीय कैलेंडर-दिन का सप्ताह-दिन है जिसे आप देख रहे हैं।

कैसे पढ़ें: इसे तारीख और चुने हुए स्थान के संदर्भ के साथ पढ़ें; यह अपने-आप किसी कार्य को शुभ या अशुभ घोषित नहीं करता।

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तिथि

तिथि पंचांग का चंद्र-दिन वाला अंग है। पर्व, व्रत और कई धार्मिक समय-निर्णय किसी विशेष तिथि के बने रहने या समाप्त होने से जुड़े होते हैं।

कैसे पढ़ें: नाम के साथ पक्ष और उपलब्ध समाप्ति समय देखें। किसी पर्व की अंतिम तारीख अलग नियमों पर निर्भर हो सकती है; Portal उन नियमों की पुनर्गणना नहीं करता।

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नक्षत्र

नक्षत्र उस चंद्र-नक्षत्र संदर्भ का नाम है जो canonical Panchang परिणाम में उस समय के लिए दिया गया है।

कैसे पढ़ें: यदि उसी दिन नक्षत्र बदलता है तो उपलब्ध transition/end समय को साथ पढ़ें।

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योग

योग पंचांग के पाँच पारंपरिक अंगों में से एक है और दैनिक परिणाम में उसका canonical नाम दिया जाता है।

कैसे पढ़ें: नाम और उपलब्ध समाप्ति समय को Engine result के रूप में पढ़ें; Portal कोई नया योग नहीं निकालता।

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करण

करण तिथि के आधे भाग से जुड़ा पंचांग-अंग है; एक दिन में एक से अधिक करण आ सकते हैं।

कैसे पढ़ें: वर्तमान करण के साथ अगला transition/end समय उपलब्ध हो तो वही canonical सीमा है।

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सूर्योदय

यह चुने हुए स्थान और समय-क्षेत्र के लिए DNPE Engine से प्राप्त सूर्योदय समय है।

कैसे पढ़ें: कई पंचांग काल सूर्योदय-आधारित होते हैं, इसलिए किसी दूसरे शहर का समय यहाँ लागू न करें।

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सूर्यास्त

यह चुने हुए स्थान के लिए canonical सूर्यास्त समय है।

कैसे पढ़ें: स्थान बदलने पर यह समय बदल सकता है; Portal केवल Engine परिणाम दिखाता है।

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राहुकाल

राहुकाल दैनिक पंचांग में दिखाया जाने वाला एक पारंपरिक समय-खंड है।

कैसे पढ़ें: यहाँ दिखाया गया interval चयनित स्थान के canonical result से आता है। उपयोग और धार्मिक व्याख्या परिवार/स्थानीय परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकती है।

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अभिजित मुहूर्त

अभिजित दैनिक पंचांग में उपलब्ध होने पर दिखाया जाने वाला पारंपरिक मध्याह्न समय-खंड है।

कैसे पढ़ें: केवल वही interval मानें जो canonical Engine payload में उपलब्ध है; यह किसी विशेष संस्कार का स्वतः अंतिम मुहूर्त नहीं है।

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ब्रह्म मुहूर्त

यह सूर्योदय से पहले का पारंपरिक समय-खंड है जिसे दैनिक Panchang परिणाम में Engine उपलब्ध कराता है।

कैसे पढ़ें: समय स्थान-आधारित है; Portal इसे सूर्योदय से दोबारा नहीं निकालता।

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गुलिक काल

गुलिक दैनिक पंचांग में दिया जाने वाला एक पारंपरिक काल-खंड है।

कैसे पढ़ें: यहाँ दिखे समय को canonical Engine result के रूप में पढ़ें; व्यावहारिक उपयोग स्थानीय परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है।

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