mahashivratri
प्रकाशित कथा और उपलब्ध स्रोत संदर्भ।
स्रोत/प्रकाशन स्थिति को certification न समझें। कुलाचार और स्थानीय परंपरा परिवार/क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है।
व्रत / पूजा कथा
महाशिवरात्रि से कई अलग कथात्मक परंपराएं जुड़ी हैं। एक प्रसिद्ध प्रसंग में ब्रह्मा और विष्णु के सामने अनंत प्रकाश-स्तंभ प्रकट होता है। वे उसके आदि-अंत की खोज करते हैं, पर सफल नहीं होते। यह लिंगोद्भव कथा अनंत सत्ता के सामने अहंकार की सीमा का प्रतीक है।
दूसरी परंपरा शिव और पार्वती के विवाह को शिवरात्रि से जोड़ती है। इसमें हिमालय-पुत्री पार्वती की साधना, शिव का वैराग्य और दोनों के मिलन को प्रकृति-पुरुष, गृहस्थ-वैराग्य और संतुलन के रूप में समझाया जाता है।
लोकप्रिय शिवरात्रि महात्म्य में एक शिकारी रात्रि में वृक्ष पर जागता है और अनजाने में बेलपत्र नीचे स्थित शिवलिंग पर गिरते हैं। कथा variants उसके भीतर करुणा जागने, हिंसा छोड़ने और जीवन बदलने की बात कहते हैं। इस प्रसंग की exact text/edition reviewer द्वारा चुनी जानी चाहिए।
रात्रि-जागरण स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाए तो विश्राम करें। भांग या नशीले पदार्थ पूजा की अनिवार्यता नहीं हैं। गर्भवती, बुजुर्ग, किशोर और रोगी सुरक्षित भोजन/जल लें।
यह सामान्य धार्मिक मार्गदर्शिका है। परिवार, कुल और स्थानीय परंपरा में अंतर हो सकता है।
