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स्थान आधारित मिथिला पंचांग और पारंपरिक ज्योतिष साधन

DN Mithila Panchang
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diwali

प्रकाशित कथा और उपलब्ध स्रोत संदर्भ।

स्रोत प्रकारDNPE Engine ritual dataset
स्थितिडेटा स्रोत
संदर्भ0 सार्वजनिक स्रोत

स्रोत/प्रकाशन स्थिति को certification न समझें। कुलाचार और स्थानीय परंपरा परिवार/क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है।

कथा और महात्म्य

व्रत / पूजा कथा

दीपावली को एक ही कथा से सीमित करना उचित नहीं है। उत्तर भारत की व्यापक परंपरा इसे राम, सीता और लक्ष्मण की अयोध्या वापसी तथा नगर में दीप जलाने से जोड़ती है। वैष्णव परंपराओं में समुद्र-मंथन से लक्ष्मी प्राकट्य और कुछ क्षेत्रों में कृष्ण द्वारा नरकासुर-वध का प्रसंग प्रमुख है। पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में काली पूजा, व्यापारिक समुदायों में लेखा-पूजन और अलग क्षेत्रों में फसल/नववर्ष के संकेत मिलते हैं।

लक्ष्मी पूजा का नैतिक संदेश केवल धन संचय नहीं होना चाहिए। स्वच्छता, ईमानदार श्रम, उचित लेखा, ऋण और खर्च की जिम्मेदारी, कर्मचारियों/सहयोगियों का सम्मान और जरूरतमंदों के साथ साझा करना समृद्धि का हिस्सा हैं। जुआ या अत्यधिक खर्च को धार्मिक अनिवार्यता न माना जाए।

दीप और विद्युत सजावट में आग, तार, बच्चों, पालतू जीवों और वायु प्रदूषण की सुरक्षा रखें। पटाखे पूजा की अनिवार्यता नहीं हैं। स्थानीय कानून और वायु-गुणवत्ता निर्देश मानें। पूजा guide में user अपने regional कथा variant को चुन सकेगा।

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यह सामान्य धार्मिक मार्गदर्शिका है। परिवार, कुल और स्थानीय परंपरा में अंतर हो सकता है।